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Union Budget 2026–27: क्या किसानों के लिए सच में मददगार है?

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Union Budget 2026–27: क्या किसानों के लिए सच में मददगार है?

captocreation@gmail.com By captocreation@gmail.com February 14, 2026 0 4
Union Budget 2026–27 क्या किसानों के लिए सच में मददगार है

यूनियन बजट 2026–27 को “तीन कर्तव्य” के थीम पर प्रेजेंट किया गया, जिसमें एक बड़ा फोकस नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करना बताया गया। लेकिन जब एग्रीकल्चर सेक्टर के नंबरों को ध्यान से देखा जाता है, तो एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है — क्या बजट सच में किसानों के लिए मजबूत सपोर्ट देता है?

एग्रीकल्चर बजट एलोकेशन: बढ़ी या चिंता?

सरकार ने एग्रीकल्चर और उससे जुड़े सेक्टर के लिए 2026–27 में ₹1,62,671 करोड़ एलोकेट किए हैं। पहली नज़र में यह बढ़ोतरी लगती है।

लेकिन असलियत थोड़ी अलग है।

  • BE 2025–26: ₹1,58,838 करोड़
  • RE 2025–26: ₹1,51,853 करोड़ (₹6,985 करोड़ की कटौती)
  • BE 2026–27: ₹1,62,671 करोड़

इसका आसान मतलब:

बजट अनाउंस होने के बाद साल के बीच में फंड कम कर दिए गए। इससे सिग्नल मिलता है कि सरकार पर फाइनेंशियल प्रेशर पड़ रहा है।

किसानों के लिए इसका मतलब है:

  • स्कीम का पैसा देरी से मिल सकता है
  • सब्सिडी रिलीज धीरे हो सकती है
  • ग्राउंड लेवल पर फायदे कम मिल सकते हैं।

बड़ी एग्रीकल्चर स्कीम में फंडिंग ट्रेंड

बजट डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि कुछ ज़रूरी स्कीम में एलोकेशन कम हुआ है।

RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना)

ये स्कीम राज्यों को एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट लागू करने के लिए फ्लेक्सिबिलिटी देती है।

लगभग ₹1,500 करोड़ की कमी देखी गई।

किसानों पर असर:

स्टेट लेवल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट धीमे हो सकते हैं

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में देरी हो सकती है

नई स्कीम का रोलआउट धीमा हो सकता है

कृषि योजना

ये एक अम्ब्रेला स्कीम है जिसमें प्रोडक्टिविटी, एक्सटेंशन सर्विसेज़ और सस्टेनेबल फार्मिंग प्रोग्राम शामिल होते हैं।

लगभग ₹1,200 करोड़ की कमी।

असर:

ट्रेनिंग प्रोग्राम कम हो सकते हैं

आधुनिक खेती की तकनीक का फैलाव धीरे हो सकता है

सपोर्ट सर्विस कम हो सकती हैं

PMKSY (सिंचाई योजना)

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मकसद है — “हर खेत को पानी”

लेकिन वाटरशेड डेवलपमेंट के हिस्से में कमी की चिंता पैदा करता है।

आसान भाषा में:

  • रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट धीरे हो सकते हैं
  • सूखे इलाकों में सिंचाई सुधार में देरी हो सकती है
  • लंबे समय तक पानी की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.
  • किसानों के लिए पॉजिटिव सिग्नल भी हैं

बजट पूरा तरह नेगेटिव नहीं है। कुछ इनडायरेक्ट पॉजिटिव भी हैं।

प्रोडक्टिविटी और टेक्नोलॉजी पर फोकस

सरकार मॉडर्न खेती, डिजिटल एग्रीकल्चर और इनोवेशन पर जोर दे रही है।

संभावित फायदे:

  • प्रिसिजन फार्मिंग टूल्स
  • क्लाइमेट-रेसिलिएंट बीज
  • स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम
  • एग्री-स्टार्टअप्स सपोर्ट
  • इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स पर फोकस जारी है।

किसानों को फायदा:

  • प्रोड्यूस मार्केट तक तेजी से पहुंच सकता है
  • ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम हो सकती है
  • पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस कम हो सकते हैं

एलाइड सेक्टर्स सपोर्ट

  • डेयरी, फिशरीज, हॉर्टिकल्चर जैसे सेक्टर्स पर भी ध्यान दिया गया है।
  • इनकम डाइवर्सिफिकेशन संभव है।
  • सबसे बड़ी चिंता: फंडिंग स्टेबिलिटी
  • बजट में एलोकेशन बढ़ाने से ज़्यादा ज़रूरी होता है असल खर्च।
  • अगर साल के बीच में फंड कट हो जाते हैं, तो स्कीम का असली असर कम हो जाता है।

किसानों के लिए इसका असली मतलब:

  • स्कीम अनाउंस होती है
  • एप्लीकेशन होता है
  • सब्सिडी में देरी होती है
  • प्रोजेक्ट अधूरा रह जाता है

इसलिए एक्सपर्ट कह रहे हैं कि एग्रीकल्चर फंडिंग में बैलेंस्ड और कंसिस्टेंट अप्रोच ज़रूरी है।

किसान क्या उम्मीद कर सकते हैं?

  • शॉर्ट टर्म (1–2 साल)
  • मौजूदा स्कीमें जारी रहेंगी
  • सब्सिडी मिलेगी लेकिन देरी हो सकती है
  • राज्य-खास प्रोग्राम ज़रूरी रहेंगे

लॉन्ग टर्म

अगर सरकार सिंचाई, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्ट करती रही, तो:

  • प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी
  • इनकम स्टेबल हो सकती है
  • क्लाइमेट रिस्क कम हो सकते हैं
  • किसानों के लिए स्मार्ट स्ट्रैटेजी

बजट का इंतज़ार करने के बजाय किसानों को प्रोएक्टिव अप्रोच लेनी चाहिए:

राज्य सब्सिडी स्कीमें चेक करें

कई राज्यों की केंद्रीय स्कीमों से ज़्यादा सब्सिडी देती हैं।

  • हाई-वैल्यू क्रॉप्स पर फोकस
  • सब्जियां, फल, फूल, पॉलीहाउस फसलों से ज़्यादा इनकम हो सकती है।
  • वॉटर-एफिशिएंट फार्मिंग अपनाएं
  • ड्रिप इरिगेशन और माइक्रो-इरिगेशन फ्यूचर फार्मिंग का बेस है।
  • एलाइड इनकम सोर्स जोड़ें
  • डेयरी, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन से एक्स्ट्रा इनकम दे सकते हैं।
  • फाइनल फैसला: बजट हेल्पफुल है या नहीं?

एग्रीकल्चर के लिए मिला-जुला बजट

  • एलोकेशन बढ़ा है (2026–27)
  • टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस है
  • पिछले साल की कटौती चिंता पैदा करती है
  • बड़ी स्कीमों में कटौती देखी गई

सिंपल निष्कर्ष:

  • बजट में वादे हैं, लेकिन असली फायदा इम्प्लीमेंटेशन पर निर्भर करेगा।
  • किसानों के लिए फाइनल मैसेज
  • बजट सिर्फ डायरेक्शन देता है — सक्सेस आपकी प्लानिंग और स्मार्ट फार्मिंग पर निर्भर करती है।

फ्यूचर एग्रीकल्चर उन किसानों का है जो:

  • टेक्नोलॉजी अपनाएं
  • पानी बचाएं
  • हाई-वैल्यू फसलें उगाएं
  • सरकारी स्कीमों का पूरा इस्तेमाल करें
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